ग्लैंड फार्मा के शेयरों की कल लिस्टिंग, ग्रे मार्केट में बढ़ता जा रहा है प्रीमियम!

अगर आपको आईपीओ के तहत ग्लैंड फार्मा के शेयर मिले हैं तो शुक्रवार को मोटा मुनाफा हो सकता है. शुक्रवार को ग्लैंड फार्मा का आईपीओ शेयर बाजार में लिस्ट होना है. लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में ग्लैंड फार्मा के प्रीमियम में उछाल देखने को मिल रहा है. ग्रे मार्केट में प्रीमियम 140 रुपये से ऊपर कारोबार कर रहा है.

ग्लैंड फार्मा के प्रीमियम में उछाल

दरअसल, ग्लैंड फार्मा के आईपीओ को रिटेल निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स नहीं मिला था. लेकिन अब ग्रे मार्केट में शानदार प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है और उम्मीद की जा रही है कि लिस्टिंग इश्यू प्राइस से 10 फीसदी से ऊपर हो सकती है. यानी लिस्टिंग 1600 रुपये प्रति शेयर से ऊपर होने की उम्मीद है.
9 नवंबर से 11 नवंबर के दौरान निवेशकों के लिए आईपीओ ओपन हुआ था. उस दौरान ग्लैंड फार्मा के शेयर ग्रे मार्केट में 20 रुपये के प्रीमियम पर मिल रहे थे, लेकिन अब दिवाली के बाद से अचानक उछाल देखने को मिल रहा है. 
9 नवंबर से 11 नवंबर के बीच IPO हुआ था


ग्लैंड फार्मा का आईपीओ 9 से 11 नवंबर के बीच 2.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था. कंपनी का टारगेट 6,480 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य था. हैदराबाद की दवा कंपनी ग्लैंड फार्मा (Gland Pharma) में चीन के फोसन फार्मा की बड़ी हिस्सेदारी है.
प्राइस बैंड 1,490-1,500 रुपये था

ग्लैंड फार्मा के IPO के लिए प्राइस बैंड 1,490-1,500 रुपये प्रति शेयर था. ग्लैंड फार्मा ने आईपीओ से पहले एंकर निवेशकों से 1,944 करोड़ रुपये जुटाए. इस IPO में 50 फीसदी शेयर इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए आरक्षित है और 35 फीसदी शेयर रिटेल निवेशकों के लिए और 15 फीसदी शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए रखा गया है. इस साल किसी फॉर्मा कंपनी का यह पहला आईपीओ था.
यह चीन की मेजोरिटी हिस्सेदारी वाली किसी कंपनी का पहला IPO था. IPO के लीड मैनेजर में सिटी, नोमुरा और कोटक महिंद्रा बैंक हैं. यही नहीं, देश में किसी भी दवा कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा IPO है. इससे पहले यह रिकॉर्ड एरिस लाइफसाइंसेज के नाम था, जिसने 2017 में 1,741 करोड़ रुपये जुटाए थे.

इस आईपीओ से मिलने वाले ज्यादातर पैसे का इस्तेमाल कंपनी भारतीय कारोबार को बढ़ाने के लिए और वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी. आईपीओ के नजरिये से साल 2020 अबतक शानदार रहा है.

आईपीओ के लिए 2020 शानदार

इस फार्मा कंपनी में शंघाई फोसन फार्मा की मेजोरिटी हिस्सेदारी है. हॉन्ग कॉन्ग में लिस्टेड फोसन फार्मा ने अक्टूबर 2017 में ग्लैंड फार्मा में 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी. फोसन फार्मा ने प्राइवेट इक्विटी फर्म केकेआर से ग्लैंड फार्मा की हिस्सेदारी खरीदी थी और इसके लिए चीनी कंपनी ने 1.09 बिलियन डॉलर का निवेश किया. 

बता दें, ग्लैंड फार्मा हैदराबाद की कंपनी है. इसकी स्थापना 1978 में पीवीएन राजू ने की थी. कंपनी जेनरिक इंजेक्टेबल फार्मा प्रोडक्ट बनाती है. यह कंपनी भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत 60 देशों में अपने प्रोडक्ट्स बेचती है.
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