बस्ती में ‘किसान सम्मान निधि के 33839 आवेदक फर्जी मिले

बस्ती जिले में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 33839 आवेदक फर्जी पाए गए हैं। इन सभी फर्जी आवेदकों ने सहज जनसेवा केंद्रों व अन्य साइबर कैफे की मदद से आवेदन किया था। विभागीय सत्यापन होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने पोर्टल से उनके नाम डिलीट कर दिए हैं। मौजूदा समय जिले में 191512 पात्र किसानों को निधि मिल रही है।

‘किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के खाते में पहली किश्त के रूप में दो हजार रुपये आने के बाद इसके प्रति किसानों का रुझान बढ़ा तो फर्जी आवेदकों की बाढ़ आ गई। बाद में प्रधानमंत्री ने सभी श्रेणी के किसानों को ‘किसान सम्मान निधि से संतृप्त करने का निर्देश जारी किया। इस पर एक-दो नहीं, हजारों की संख्या में फर्जी आवेदन आने लगे। यह देख सीमित मानव क्षमता व कम संसाधन वाले कृषि विभाग के हाथ-पांव फूल गए

दूसरी तरफ आधार कार्ड में गड़बड़ी व नाम मिस मैचिंग की भारी संख्या में शिकायतें आनी शुरू हो गईं। किसी तरह से हर ब्लॉक पर कर्मचारियों की टीम तैयार की गई और सभी आवेदकों के स्थलीय सत्यापन का काम लॉकडाउन के दौरान शुरू किया गया। पता चला कि 25339 किसानों के आवेदन ऐसे हैं, जो अपात्र हैं अथवा वे अपने मूल स्थान पर नहीं रहते हैं। इसके अलावा 8500 उन किसानों ने आवेदन किया है, जो पहले से लाभ हासिल कर रहे हैं। बावजूद इसके दोबारा आवेदन कर दिए हैं।


जिले में विभागीय टीमों से ‘किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाले आवेदनों की स्थलीय जांच कराई गई है। कुल 33893 आवेदक फर्जी पाए गए हैं। उनका नाम विभागीय पोर्टल से डिलीट कर दिया गया है।


-डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि, बस्ती

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